सरायकेला/ Pramod Singh नगर पंचायत चुनाव के मद्देनज़र शनिवार को अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनोज कुमार चौधरी ने सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में भव्य पदयात्रा निकाली. इस पदयात्रा ने पूरे नगर क्षेत्र में चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया. गली- मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजार तक समर्थकों का उत्साह देखने लायक रहा.

पदयात्रा के दौरान समर्थक लगातार नारे लगाते रहे “नाम वाला नहीं, काम वाला चाहिए.” इससे पूरे शहर में जोश और ऊर्जा का माहौल बना रहा. समर्थक लोगों से आगामी चुनाव में क्रम संख्या चार ‘टॉर्च’ छाप पर मोहर लगाकर मनोज चौधरी को विजयी बनाने की अपील करते नजर आए.
जनता के बीच पहुंचकर मांगा समर्थन
मनोज कुमार चौधरी ने पदयात्रा के दौरान घर- घर जाकर लोगों से मुलाकात की. बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और युवाओं से संवाद किया. महिलाओं और व्यापारियों ने कई स्थानों पर उनका स्वागत किया. समर्थकों ने इसे शक्ति प्रदर्शन के साथ- साथ जनता के विश्वास का प्रतीक बताया.
जनसंपर्क के दौरान मनोज चौधरी ने कहा
“मैंने काम किया है और आगे भी काम करता रहूंगा. मुझे राजनीति नहीं, सेवा करनी है. लोगों को अपने काम के लिए मेरे घर नहीं आना होगा. मैं खुद उनके घर जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करूंगा. मैं जनता का सेवक बनकर आया हूं और सेवक बनकर ही काम करूंगा.” उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपती है, तो यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे नगर की जनता की जीत होगी.
उन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों की सेवा, एसडीओ कार्यालय से जुड़े जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका और छऊ कला के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया.
विकास और जवाबदेही का वादा.
अपने संबोधन में उन्होंने नगर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं सड़क, पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं का जिक्र किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी. नगर पंचायत कार्यालय को आम जनता के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाया जाएगा.
पदयात्रा के दौरान युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई. कई स्थानों पर समर्थकों ने फूल- मालाओं से स्वागत किया और आतिशबाजी कर उत्साह जताया
चुनावी समीकरणों पर असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रचार के अंतिम चरण में निकली यह पदयात्रा चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है. जिस प्रकार भीड़ उमड़ी और नारे गूंजे, उससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. अब देखना यह है कि “काम के नाम पर वोट.” की अपील जनता को कितना प्रभावित करती है. फिलहाल सरायकेला नगर पंचायत चुनाव में मनोज कुमार चौधरी की यह पदयात्रा चर्चा का केंद्र बनी हुई है और चुनावी पारा लगातार चढ़ रहा है.

