सरायकेला/ Pramod Singh

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर साहित्य स्नेह एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद, सरायकेला के संयुक्त तत्वावधान में मारवाड़ी धर्मशाला में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज कुमार चौधरी, शैलेन्द्र पांडे ‘शैल’ (अध्यक्ष), नारायण कुमार, अनामिका मिश्रा एवं उपस्थित कवियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया.
संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मनोज कुमार चौधरी ने कहा “कवि सम्मेलन हमारी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं और हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं. आइए, कविता की दुनिया में खोकर अपनी विरासत को पहचानें और उसे संरक्षित करने का संकल्प लें.”
देशभर के कवियों की शानदार उपस्थिति
लखनऊ, दिल्ली और जमशेदपुर से पहुंचे सुप्रसिद्ध कवियों ने श्रृंगार, भक्ति एवं वीर रस से ओतप्रोत रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. काव्य पाठ के दौरान तालियों और वाहवाही की गूंज पूरे सभागार में पसर गई.
सम्मेलन में शामिल प्रमुख कवि
शिवम झा ‘कबीर’ (नई दिल्ली), डॉ. सुधा मिश्रा (लखनऊ), कुलदीप कलश (लखनऊ), राजेंद्र शाह ‘राज’ (जमशेदपुर), सविता सिंह ‘मीरा’ (जमशेदपुर), सूरज सिंह राजपूत (जमशेदपुर), उपासना सिन्हा (जमशेदपुर), माधवी उपाध्याय (जमशेदपुर)

कार्यक्रम संचालन विश्व रंजन त्रिपाठी, संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह और संयोजिका अनामिका मिश्रा ने किया.
इस कार्यक्रम में श्रोताओं की भी बड़ी भागीदारी रही. कार्यक्रम में मनोज कुमार सिंह, गुड्डू मिश्रा, अनिल मिश्रा, दया शंकर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी श्रोता उपस्थित रहे. कवि सम्मेलन का समापन तालियों की गड़गड़ाहट और साहित्यिक वातावरण की सुगंध के बीच हुआ, जिसने बिरसा मुंडा जयंती को और भी यादगार बना दिया.

