गम्हरिया/ Bipin Varshney सरायकेला- खरसावां झामुमो में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा संगठन विस्तार से नाराजगी के स्वर मुखर होने लगे हैं. इसमें सबसे पहला नाम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आजसू छोड़ झामुमो का दामन थामनेवाले युवा नेता सन्नी सिंह उर्फ़ ओंकार सिंह का है. रविवार को पार्टी द्वारा युवा मोर्चा के मनोनय की अधिसूचना जारी करने के बाद सन्नी सिंह ने उपाध्यक्ष का पद लेने से इंकार करते हुए सोमवार को अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष को सौंप दिया है.

क्या है सन्नी के नाराजगी का कारण
सन्नी सिंह उर्फ़ ओमकार सिंह ने संगठन के उपाध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह फैसला पद के आवंटन से असहमति जताते हुए लिया है. सन्नी सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से संगठन के लिए कार्य किया है. युवाओं के समर्थन और कार्यकर्ताओं के सहयोग से लगातार पार्टी के हित में काम किया है और आगे भी एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी, लेकिन संगठन द्वारा उन्हें उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई. इस निर्णय को सम्मान देते हुए उन्होंने उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की घोषणा की है. सन्नी सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पद नहीं, बल्कि संगठन की सेवा है. वे आगे भी युवा मोर्चा की नीतियों और विचारधारा के साथ संगठन में योगदान देते रहेंगे.

देखें 22 जुलाई का आदेश
विदित हो कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सन्नी ने सैकड़ो समर्थको के साथ आजसू का दामन छोड़ झामुमो का दामन थमा था. उन्होंने आजसू युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नीति- सिद्धांतों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी.
क्या है सन्नी के विरोध का कारण
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने ही आदेश में तब्दीली करते हुए जिला कार्यकारिणी में संगठन सचिव बनाये गए भुगलू सोरेन उर्फ़ डब्बा सोरेन को युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष बना दिया जबकि सन्नी सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जिसे स्वीकार करने से सन्नी सिंह ने इंकार कर दिया है.

ये है 27 जुलाई का आदेश

