सरायकेला/ Pramod Singh राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरु वंदन कार्यक्रम हर्षोल्लास से मनाया गया. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के कलाकारों द्वारा पूज्य छऊ गुरुजनों और शिक्षाविदों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई.

भारत की संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान: मनोज
आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि भारत की संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान है. उन्होंने कहा कि पुरातन दोहा में वर्णित है कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय. बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताया. दोहे के रूप में परमात्मा ने भी गुरु को प्रथम वंदन करना बताया है.
गुरु भारतीय संस्कृति में पूजनीय: भोला महंती
आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति में हमेशा से पूजनीय रहे हैं. वे हमें अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और प्रकाश के मार्ग की ओर ले जाते हैं.

इस दौरान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत गुरु विजेंद्र पटनायक, गुरु तरुण भोल, गुरु संतोष कुमार कर, गुरु आशिष कुमार कर को सम्मानित किया गया. मौके पर आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी, अध्यक्ष भोला महांती, राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के समन्वयक सह आर्टिस्ट एसोसिएशन के सचिव सुदीप कवि और अन्य कलाकार मौजूद थे.

