सरायकेला: पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रविवार को चौका थाना अंतर्गत मुटुदा गांव में अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाया गया. यह अभियान चौका थाना पुलिस, एसएसबी मतकमडीह एवं एसएसबी रायजामा के सशस्त्र बलों के संयुक्त सहयोग से संचालित किया गया.

अभियान के दौरान मुटुदा गांव में अफीम की अवैध खेती को लेकर सत्यापन किया गया. साथ ही ग्रामीणों के बीच अफीम की खेती और उसके विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई. चौका थाना प्रभारी सोनू कुमार, एसएसबी मतकमडीह एवं एसएसबी रायजामा के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए भी घातक है.
पुलिस एवं एसएसबी अधिकारियों ने ग्रामीणों को अफीम के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके कारण होने वाले सामाजिक, आर्थिक और कानूनी नुकसान से अवगत कराया. साथ ही ग्रामीणों को अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे कानूनी दायरे में रहकर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें.
अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग एवं सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत करीब 100 जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया गया. वहीं बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुस्तक, कलम एवं चॉकलेट भी वितरित की गई. इस पहल से ग्रामीणों में पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति सकारात्मक संदेश गया.
चौका थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अवैध अफीम खेती के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें वैकल्पिक और वैध आजीविका की ओर प्रेरित करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अफीम की अवैध खेती पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस संयुक्त अभियान से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी है और लोगों ने अफीम की अवैध खेती से दूर रहने तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का भरोसा जताया.

