सरायकेला/ Pramod Singh सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन ने गुरु पूर्णिमा पर गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला माहंती संरक्षक मनोज चौधरी ने सदस्यों के साथ गुरु सुशांत महापात्र, गुरु नाथूराम महतो, गुरु काली प्रसन्न साड़ंगी एवं गुरु तरुण भोल का पूजन किया.

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुशील आचार्या ने गुरु शिष्य परंपरा और गुरु पूर्णिमा पर प्रकाश डालते हुए इसके महत्व के बारे में बताया. उन्होंने सरायकेला छऊ के पूरोधाओ का भी जिक्र किया. अध्यक्ष भोला माहंती ने गुरुओं को नमन करते हुए कहा कि गुरु बिना जीवन में ऊंचाई मिलना असंभव है. संरक्षक मनोज चौधरी ने गुरुओं को नमन करते हुए कहा कि आज जो भी मुझे मुकाम हासिल हुआ है गुरु के ज्ञान और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है.
हरफनमौला कलाकार रूपेश साहू ने गुरु को साक्षात ईश्वर का स्वरूप बताया. मौके पर लिटेन माहंती अविनाश कबी, विजय दरोगा, सूरज केवर्त, शिवचरण साहू, एवं काफी संख्या में सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे.
इधर सावन मास के शुभारंभ से पूर्व सरायकेला के प्राचीन सिद्ध भैरव पीठ पर श्रद्धालुओं ने अष्ट भैरव एवं देवाधिदेव महादेव के शिवलिंगों पर जलार्पण व पूजा अर्चना किया. मौके पर नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राचीन भैरव सिद्ध पीठ सरायकेला का ऐतिहासिक स्थल है. यहां भैरव पीठ के साथ देवाधिदेव महादेव शिवलिंग के रूप में विराजित हैं. चारों तरफ बिल्वपत्र के वृक्ष धार्मिक वातावरण को और आनंदित और रोमांचित बना रहे हैं. उन्होंने बाबा भैरव और महादेव से क्षेत्रवासियों के कुशल क्षेम की मंगल कामना की.

