सरायकेला: बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने इंडिया न्यूज़ वायरल बिहार झारखंड की 18 मार्च 2025 को प्रकाशित उस रिपोर्ट पर औपचारिक मुहर लगा दी है, जिसमें दावा किया गया था कि सरायकेला के आदित्यपुर स्थित ‘लाल कोठी’ से ही बीजेपी का जिलाध्यक्ष और आरआईटी मंडल अध्यक्ष तय होगा.

भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के निर्देश पर गुरुवार को सरायकेला- खरसावां जिले में संगठन पर्व के अंतर्गत मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रतिनिधियों की घोषणा कर दी गई. यह घोषणा प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के अनुमोदन और जिला पर्यवेक्षक की सहमति के बाद जिला चुनाव अधिकारी द्वारा जारी सूची के माध्यम से की गई.
जारी सूची के अनुसार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है. राजनगर पूर्वी मंडल के अध्यक्ष पद पर उज्ज्वल मोदक को जिम्मेदारी सौंपी गई है. आदित्यपुर पूर्वी मंडल में गणेश कालिंदी को मंडल अध्यक्ष और संजीव कुमार को मंडल प्रतिनिधि मनोनीत किया गया है.
आरआईटी मंडल के अध्यक्ष पद पर अभिषेक विशाल और मंडल प्रतिनिधि के रूप में शनि कुमार की नियुक्ति की गई है. वहीं सरायकेला नगर मंडल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विजय कुमार दत्ता को दी गई है, जबकि राजकुमार सिंह को मंडल प्रतिनिधि बनाया गया है. इसी क्रम में गम्हरिया पूर्वी मंडल में अमरेश गोस्वामी को मंडल अध्यक्ष और विद्यासागर दुबे को मंडल प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है.
पार्टी नेतृत्व ने उम्मीद जताई है कि नए मंडल अध्यक्षों और प्रतिनिधियों की नियुक्ति से जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में तेजी आएगी. पार्टी पदाधिकारियों ने सभी नव नियुक्त कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए संगठन हित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है.
गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ दशक से बीजेपी सरायकेला- खरसावां जिले की तीन विधानसभा सीटों पर जीत के लिए संघर्ष कर रही है. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के बाद सरायकेला सीट पार्टी के खाते में आई है, लेकिन जिले में संगठनात्मक नेतृत्व का प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है.
जिले की राजनीति में आदित्यपुर का ‘लाल कोठी’ एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में देखा जाता है. पार्टी के भीतर यह चर्चा आम है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी होने का दावा भले ही किया जाए, लेकिन सरायकेला में संगठनात्मक फैसले ‘लाल कोठी’ के इर्द-गिर्द ही घूमते हैं. निवर्तमान मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव को बीजेपी के ऐसे रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है, जिनका प्रभाव शीर्ष नेतृत्व तक माना जाता है. इंडिया न्यूज़ वायरल बिहार झारखंड ने 18 मार्च 2025 की रिपोर्ट में दावा किया था कि आरआईटी मंडल अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान मेयर के पुत्र अभिषेक विशाल के नाम को लेकर दबाव की राजनीति चल रही है. गुरुवार को जारी आदेश में इस दावे की पुष्टि होती नजर आई, जब अभिषेक विशाल को आरआईटी मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिया गया.
देखिये indianewsviral की 18 मार्च 2025 की रिपोर्ट 👇
https://indianewsviral.co.in/saraikela-bjp-politics-2/
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अभिषेक विशाल से अधिक अनुभवी और लंबे समय से संगठन की सेवा कर रहे कई कार्यकर्ता मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिला. वहीं जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी लॉबिंग और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हैं. कई वरिष्ठ और जनाधार वाले नेताओं के नाम सामने होने के बावजूद संगठनात्मक निर्णय सीमित दायरे में सिमटते दिख रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिले में बीजेपी की लगातार कमजोर होती स्थिति का मुख्य कारण आंतरिक गुटबाजी और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा है. अब सबकी नजरें आगामी जिलाध्यक्ष की घोषणा पर टिकी हैं, जिसे लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है.

