साहिबगंज: जिले के भोगनाडीह में हूल दिवस को लेकर चल रहे विवाद में वीर सिदो- कान्हू के वंशजों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. ग्रामीणों के तेवर को देखते हुए जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी.

शुक्रवार सुबह पारंपरिक हथियारों से लैस ग्रामीणों ने वीर सिदो- कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू के नेतृत्व में गांव में आक्रोश रैली निकाली. इस दौरान जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी हुई. ग्रामीणों के तगड़े विरोध के सामने जिला प्रशासन को झुकना पड़ा. एसडीओ ने ग्रामीणों को शांतिपूर्ण कार्यक्रम करने की अनुमति दी, और जिला प्रशासन की टीम वहां से लौट गई.
ग्रामीणों का प्रदर्शन
ग्रामीणों ने वीर सिदो- कान्हू पार्क में जिला प्रशासन की तरफ से काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकाल कर पार्क को बंद कर दिया. ग्रामीणों ने कहा कि या तो गांव में उनका कार्यक्रम होगा, या फिर कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा. इस प्रदर्शन में शहीद परिवार के वंशजों के साथ सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे.
चंपाई का उलगुलान
इधर पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन ने हर हाल में भोगना डीह पहुंचने और हूल पार्ट- 2 की शुरुआत करने की बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके रुख को देखकर घबरा गई है. उन्होंने संथाल में हो रहे आदिवासियों के धर्मांतरण और घुसपैठ का जो मुद्दा उठाया है उसका असर अब दिखने लगा है. यही कारण है कि राज्य सरकार वहां बंदिशें लगाने का काम कर रही है. उन्होंने साफ कर दिया है कि तमाम बंदिशों के बाद भी वे हूल पार्ट- 2 की शुरूआत करने भोगना डीह जाएंगे.
बाईट
चम्पाई सोरेन (पूर्व मुख्यमंत्री)

