आदित्यपुर: सरायकेला जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-17 स्थित निर्माणाधीन सहारा सनराईज टाउनशिप परियोजना पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद यहां फ्लैट, डुप्लेक्स और आवासीय प्लॉट बुक कराने वाले सैकड़ों खरीदारों के बीच चिंता का माहौल है.

नगर निगम के प्रशासक रवि प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान पाया गया कि परियोजना में नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य जारी था. कई बार मौखिक और लिखित रोक के बावजूद निर्माण बंद नहीं किया गया. अंततः प्रशासन को कार्य रुकवाने का निर्णय लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय में लंबित मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा.
जानकारी के अनुसार विवादित भूमि खाता संख्या 90 के अंतर्गत प्लॉट संख्या 1385 में 30 डिसमिल और प्लॉट संख्या 1386 में 25 डिसमिल यानी कुल 55 डिसमिल जमीन से जुड़ा है. इस भूखंड को लेकर सहारा सनराईज डेवलपर और बिल्डर सह समाजसेवी आरके सिन्हा के बीच विवाद चल रहा है. मामला उपायुक्त न्यायालय में विचाराधीन है.
सूत्रों के मुताबिक रेरा नियमों और वैधानिक स्वीकृतियों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं. आरोप है कि आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण किए बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया. यदि यह तथ्य पुष्ट होते हैं तो खरीदारों के लिए कानूनी और वित्तीय जोखिम बढ़ सकता है.
प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परियोजना में निवेश से पहले खरीदारों को भूमि के स्वामित्व, रेरा पंजीकरण, स्वीकृत नक्शा, पर्यावरण अनुमति और स्थानीय निकाय की अनुमति की जांच अवश्य करनी चाहिए. न्यायालय में लंबित विवाद वाली जमीन पर निवेश करना भविष्य में कब्जा, रजिस्ट्री और बैंक लोन जैसी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है.
वर्तमान स्थिति में जिन लोगों ने बुकिंग राशि जमा की है, उन्हें परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रति सुरक्षित रखनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सलाह लेनी चाहिए. यदि रेरा में परियोजना पंजीकृत है तो खरीदार वहां भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
नगर निगम की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर चल रही परियोजनाएं खरीदारों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती हैं. जब तक न्यायालय से स्पष्ट आदेश नहीं आ जाता, निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी नई बुकिंग से पहले पूरी कानूनी जांच करने की सलाह दी जा रही है.

