चाईबासा Report By Jayant Pramanik आदिवासी हो महासभा द्वारा सोनुआ प्रखंड के आसनतलिया मैदान में रविवार को रांसा जोमसुईम सह सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में सोनुआ, गोईलकेरा, गुदड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों से आदिवासी हो समाज के हजारों लोग शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार ठाकुर बेहंदा, चित्रशन तियू और लक्ष्मण सामड द्वारा अकड़ा की पूजा-अर्चना कर किया गया.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी हो समाज के केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेश देवगम उपस्थित रहे. उन्होंने समाज के लोगों से अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की अपील की. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
समारोह को संबोधित करते हुए समाज के अन्य प्रबुद्ध वक्ताओं ने नशापान से दूर रहने, बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया. वक्ताओं ने युवाओं से अपने ही क्षेत्र में रोजगार सृजन करने और मजबूरी में हो रहे पलायन से बचने की अपील की.

कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रबुद्ध लोगों को सम्मानित किया गया. वहीं समाज के युवाओं ने अकड़ा में सामूहिक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण मुंडा, मानकी और डाकूवा, देहरी को शॉल देकर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में सोनुआ प्रखंड प्रमुख नंदनी सोय, गोईलकेरा कायदा पंचायत की मुखिया सोमवारी बेहंदा, हो समाज महासभा गोईलकेरा के अध्यक्ष पातोर जोंकों, मानकी मदन मोहन सुंडी, मानकी फुलचंद हेंब्रम, मानकी जयपाल सिंह जोंकों, सचिव कर्म सिंह वानरा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सामड, सोनुआ प्रखंड अध्यक्ष जोटो सुरीन, चंपई चंद्र शेखर डांगिल, दौराई हंसदा, शिक्षिका प्रमिला टुडू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

