राजनगर: सरायकेला- खरसावां जिला के राजनगर प्रखंड क्षेत्र के बाना पंचायत अंतर्गत टंगरानी में डायरिया से दर्जनों लोग पीड़ित हैं. इसमें मोतीलाल सरदार(40), गोपाल सरदार(50) मनीष सरदार(25) एवं 65 वर्षीय वृद्ध महिला शामिल हैं, जिन्हें सरायकेला सदर अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती होना पड़ा. वहीं कुंती देवी(65), सुलोचना सरदार(35) एवं रायमनी सरदार(36) राजनगर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. फिलहाल सदर अस्पताल सरायकेला से गोपाल सरदार, मनीषा सरदार एवं वृद्ध महिला को छुट्टी दे दी गई है. अभी भी गांव में कुछ मरीज डायरिया से पीड़ित हैं, जिसमें एक और 65 वर्षीय वृद्ध महिला दुखनि बारीक की स्थिति अच्छी नहीं है. उनको देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है. उन्हें भी लगातार दस्त हो रही है. हालांकि डायरिया पकड़ने पर लोगों को जैसे सुझा वे लोग अपने हिसाब से कोई निजी नर्सिंग होम तो कोई सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती हुआ. जिससे राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई मरीज भर्ती हुआ. इससे स्वास्थ्य विभाग को भी डायरिया फैलने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी. परंतु पंचायत के पूर्व मुखिया जवाहरलाल सरदार ने शुक्रवार को अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जगन्नाथ हेम्ब्रम को लिखित सूचना देकर गांव डायरिया फैलने की जानकारी दी. जिसके बाद तुरंत मेडिकल टीम को गांव भेजा गया. इधर सीएचसी राजनगर के कोविड इंचार्ज डॉ. एसएम देमता ने बताया कि गांव में स्थिति सामान्य है. डायरिया पीड़ितों के बीच आवश्यक दवाएं वितरित की गई हैं. टंगरानी उप स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक दवाएं उपलब्ध है. चिंता की कोई बात नहीं है. सीएचसी राजनगर में मरीजों की समुचित इलाज की व्यवस्था है. ग्रामीणों को इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं है. डायरिया जैसे बीमारी की इलाज की यहां समुचित व्यवस्था है. वहीं पूर्व मुखिया जवाहरलाल सरदार ने कहा कि आश्रम टोला के लोग खाने पीने के लिए सिंचाई कुएं पर आश्रित हैं. यहां ब्लीचिंग पाउडर की का भी छिड़काव नहीं होता है. स्वास्थ्य विभाग को घर घर जाकर मरीजों की जांच करनी चाहिए.

