सरायकेला/ Rasbihari Mandal जिले के राजनगर प्रखंड के कृष्णापुर गांव में चल रहे ऐतिहासिक रास मेला के दूसरे दिन रविवार को भक्तों और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. शाम होते ही पूरा मेला मैदान हजारों की भीड़ से भर गया. आसपास के गांवों के साथ- साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग इस परंपरागत मेले का आनंद लेने पहुंचे.

कृष्णापुर का यह रास मेला सदियों पुरानी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है. स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गांव की एकता, लोक परंपरा और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक है.

मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए बिजली झूला, डिस्को डांस, बूगी-वूगी डांस और कई अन्य खेल- तमाशों की व्यवस्था की गई है. रोशनी और संगीत से सजा मेला क्षेत्र शाम ढलते ही जगमगा उठा और चारों ओर उत्सव का माहौल बन गया.
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष मेले का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य तरीके से किया गया है. वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं. राजनगर थाना पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.

सांस्कृतिक मंच पर भी कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है. रविवार की रात से संताली ड्रामा का मंचन प्रारंभ हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी कला और संस्कृति की झलक पेश कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, यह पारंपरिक रास मेला 15 नवंबर तक चलेगा. इस अवधि में कृष्णापुर गांव पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगा रहेगा. ग्रामीणों के साथ- साथ बाहरी पर्यटक भी इस ऐतिहासिक मेले की लोक संस्कृति और भक्ति भावना का आनंद उठा रहे हैं.

