पूर्णिया/ Arzoo Bakhsh जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार मंत्रियों को हटाने संबंधी तीन विधेयक पेश किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर इस बिल के पीछे कोई गलत नीयत नहीं है तो इसके प्रावधान बिल्कुल सही हैं.

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संवैधानिक पद पर है और उस पर गंभीर आरोप लगने के बाद वह जेल चला जाता है तो जेल में रहते हुए सत्ता संचालन करना संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे हालात में यह आवश्यक है कि कानून में प्रावधान हो, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे और सत्ता संचालन की प्रक्रिया बाधित न हो.
उन्होंने आगे कहा कि यह बिल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया है और वहां इसकी समीक्षा होगी. अगर पारदर्शी तरीके से इस पर चर्चा की जाती है और किसी प्रकार की राजनीतिक नीयत इसमें शामिल नहीं है तो यह प्रावधान लोकतंत्र के हित में साबित होगा.
बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए हैं, जिनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति यदि गंभीर आपराधिक मामलों में जेल में भेजे जाते हैं तो वे अपने पद पर बने न रहें. इस प्रस्ताव को लेकर सियासी हलकों में बहस शुरू हो गई है, वहीं प्रशांत किशोर ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से आवश्यक बताया है.

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