पटमदा/ Paramveer Patro जमशेदपुर के कोल्हान प्रमंडल पान तांती समाज की ओर से रविवार को पटमदा स्थित हाथी खेदा मंदिर में पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन की एकजुटता और भविष्य की दिशा को लेकर विस्तृत चर्चा की कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को संगठित, सशक्त और सक्रिय दिशा में आगे बढ़ाना था.

पूजा- अर्चना के पश्चात आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि तांती समाज, जो परंपरागत रूप से बुनाई और सेवा कार्य से जुड़ा रहा है, ने हमेशा समाज में एकता और श्रम की मिसाल पेश की है वक्ताओं ने बताया कि तांती समाज पहले अनुसूचित जाति में शामिल था लेकिन बाद में इसे अति पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में रखा गया.
बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में “पान” लिखने वालों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जा रहा है जबकि “पान, तांती” वास्तव में एक ही जाति है वक्ताओं ने कहा कि यह स्थिति समाज में भ्रम और असमानता पैदा कर रही है संगठन ने सरकार से मांग की कि तांती समाज को एक समान दर्जा दिया जाए ताकि किसी प्रकार का भेदभाव न हो.
सभा में उपस्थित नेताओं ने कहा कि तांती समाज आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग में आता है इसलिए संगठन का लक्ष्य है कि समाज के लोगों को शिक्षा, संगठन और अधिकारों के माध्यम से सशक्त बनाया जाए.
इस अवसर पर संगठन संरक्षक उमाकांत दास, केंद्रीय प्रवक्ता जयवंत दास, जिला अध्यक्ष लक्ष्मण पातर, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रामचंद्र दास, जिला सचिव बनारस दास, प्रखंड संगठन सचिव रत्नाकर पात्रों, पंचायत अध्यक्ष लाल तांती, समाजसेवी उमाकांत दंडपाट, राकेश पात्रों, दीपाली तंतुबाय, बीओ दिनेश दंडपाट, विकास दास, बासुदेव सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में समाज की एकता, उन्नति और समान अधिकारों के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई.

