Exclusive Report: झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के ओड़िया बहुल क्षेत्रों में पिछले 20 वर्षों से 626 ओड़िया शिक्षक और शिक्षिकाएं बच्चों को मातृभाषा ओड़िया पढ़ा रहे हैं. ये शिक्षक ओडिशा सरकार के लोक शिक्षा विभाग से मानदेय पर कार्यरत हैं. वर्तमान में उन्हें सालाना 30 हजार रुपये का मानदेय मिलता है, लेकिन वर्ष 2021-22 की वित्तीय सहायता अब तक नहीं दी गई है, जिससे शिक्षकों में असंतोष है.

वर्ष 2023-24 में ओडिशा सरकार ने घोषणा की थी कि शिक्षकों को 3000 रुपये प्रति माह के बजाय 4500 रुपये प्रति माह दिया जाएगा, लेकिन अभी भी शिक्षकों के खातों में 3000 रुपये ही पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पिछले साल झारखंड के जगन्नाथपुर में घोषणा की थी कि शिक्षकों को 6000 रुपये प्रति माह दिया जाएगा, लेकिन अब तक यह भुगतान भी लंबित है.
कोल्हान के तीन जिलों के 118 स्कूलों में कुल 154 शिक्षक ओड़िया पढ़ाते हैं. इनमें पूर्वी सिंहभूम के 27 स्कूलों में 54, पश्चिमी सिंहभूम के 39 स्कूलों में 42 और सरायकेला- खरसावां के 52 स्कूलों में 58 शिक्षक शामिल हैं. उत्कल सम्मेलन के जिला अध्यक्ष सुमंत चंद्र मोहंती और महासचिव अजय प्रधान ने कहा कि ओड़िया शिक्षकों को उनका हक मिलना चाहिए ताकि वे बच्चों को मातृभाषा पढ़ाने के कार्य में बिना चिंता के जुटे रहें. इधर जानकारी है कि ओडिशा सरकार के अधिकारी जल्द स्कूलों का दौरा कर पठन- पाठन की स्थिति देखेंगे और उसके बाद मानदेय भुगतान पर निर्णय लिया जाएगा.

