नई दिल्ली: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरु और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक शिबू सोरेन के निधन की सूचना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. राष्ट्रपति ने कहा कि शिबू सोरेन जी का जीवन झारखंडी अस्मिता, आदिवासी अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था. उनका संघर्ष और योगदान झारखंड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दिशोम गुरु जनआंदोलनों के जीवंत प्रतीक थे. उन्होंने झारखंड राज्य की परिकल्पना को साकार करने में जीवन लगा दिया. प्रधानमंत्री ने इसे झारखंड और देश की सामाजिक- राजनीतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति बताया. दोनों नेताओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्राप्त हो. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल पहुंचकर दिवंगत शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की. वहां उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन से भेंट कर संवेदना व्यक्त की. कहा शिबू सोरेन जी का जीवन, विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा. उनकी स्मृति और सिद्धांत झारखंड की आत्मा में सदा जीवित रहेंगे.

