पटना: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बीच बिहार के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अनूठी कलाकृति के माध्यम से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है. मधुरेंद्र ने महज तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर नाना पाटेकर का चेहरा उकेरकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया. इस सूक्ष्म कलाकृति को तैयार करने में उन्हें करीब तीन घंटे का समय लगा.


कलाकृति की खासियत यह है कि बेहद छोटे पत्ते पर नाना पाटेकर की चेहरे की आकृति और भाव-भंगिमा को बारीकी से उकेरा गया है. इसके साथ ही मधुरेंद्र ने ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ का संदेश अंकित कर अभिनेता के चर्चित फिल्मी किरदार को याद किया है.
पत्ते को बनाया कैनवास, तीन घंटे तक की मेहनत
प्राकृतिक वस्तुओं के माध्यम से कलाकृतियां बनाने के लिए पहचाने जाने वाले मधुरेंद्र कुमार ने इस बार रेत या बड़े कैनवास के बजाय पीपल के छोटे से पत्ते को चुना. उन्होंने करीब तीन घंटे की मेहनत से अभिनेता की आकृति तैयार की.
मधुरेंद्र ने बताया कि नाना पाटेकर ने अपनी विशिष्ट संवाद अदायगी और दमदार अभिनय से भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई. उनकी कलाकृति अभिनेता के प्रति सम्मान और उनकी अभिनय यात्रा को याद करने का प्रयास है.
क्रांतिवीर’ के जरिए अभिनेता के योगदान को किया याद
नाना पाटेकर ने क्रांतिवीर, परिंदा, अग्निसाक्षी और कई अन्य फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित अनेक सम्मान मिले. वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया.
मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि किसी कलाकार को श्रद्धांजलि देने के लिए कलाकृति का आकार नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना महत्वपूर्ण होती है. उनकी यह छोटी-सी कलाकृति नाना पाटेकर के प्रति उसी सम्मान की अभिव्यक्ति है.
मधुरेंद्र की इस पहल ने यह संदेश दिया कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि किसी व्यक्तित्व के प्रति सम्मान और भावनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम भी है.

