सरायकेला: मंगलवार को झारखंड बजट 2026- 27 में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के सुचारू संचालन के लिए कार्यकारी एवं स्थायी समितियों के पुनर्गठन को स्वीकृति प्रदान की गई है. सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन और प्रचार- प्रसार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद तथा झारखण्ड सरकार के बीच पांच वर्षों के लिए एमओयू किया गया है. इससे सरायकेला की समृद्ध छऊ परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

इस बीच सरायकेला नगर पंचायत के झामुमो समर्थित प्रत्याशी मनोज चौधरी ने पीपीपी मोड पर सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रूप में संचालित करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार का विशेष फोकस है.
उन्होंने बताया कि पहले चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है. दूसरे चरण में लातेहार, साहेबगंज और सरायकेला- खरसावां के सदर अस्पतालों को भी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का रूप दिया जाएगा.
मनोज चौधरी ने कहा कि सरायकेला- खरसावां सदर अस्पताल को दूसरे चरण में शामिल किया जाना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को जनाकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट बताया.
उन्होंने कहा कि बजट में सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. कृषि, पेयजल और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी आवश्यकतानुसार प्रावधान किए गए हैं. मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये तथा पेंशनधारियों के लिए 1,463 करोड़ 58 लाख रुपये का प्रावधान साहसिक और सराहनीय कदम है. उन्होंने इसे राज्य को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत आबुआ बजट बताया.

