सरायकेला: पश्चिम बंगाल, झारखंड और उड़ीसा राज्य के कुडमी समुदाय को पुनः अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए आंदोलन के एक मामले में समाजसेवी सुनील कुमार महतो ने अग्रिम जमानत ले ली है.

गौरतलब है कि दिनांक 20 सितंबर 2025 को मुरी रेल डिवीजन के अंतर्गत ईचागढ़ क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड स्थित हेसालौंग रेवे स्टेशन पर “रेल टेका – डहर छेका” कार्यक्रम के तहत विशाल आंदोलन आयोजित किया गया था. इस शांतिपूर्ण आंदोलन में कुडमी समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया था. आंदोलन के दौरान रेलवे यातायात प्रभावित होने पर सूइसा आरपीएफ थाना में केस संख्या RPF 219/25 के तहत समाजसेवी सुनील कुमार महतो सहित पांच नामजद और 300 अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
आज इस प्रकरण में सुनील कुमार महतो ने आरपीएफ रेलवे थाना सुईसा में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की. जमानत के दौरान उनके साथ पंचानन महतो और विनोद चंद्र महतो भी मौजूद थे. अदालत द्वारा 6000 रुपये की जमानत राशि जमा करने के उपरांत अग्रिम बेल स्वीकृत कर ली गई.
ज्ञात हो कि सुनील कुमार महतो पूर्व में भी झारखंड आंदोलन के दौरान कई बड़े आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं. उन्होंने झारखंड राज्य के गठन से पूर्व कुल 12 नाकाबंदी आंदोलनों और झिमड़ी रेल रोको आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभाई थी. समाजसेवी श्री महतो ने कहा कि कुडमी समाज की न्यायोचित मांगों को लेकर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

