खूंटपानी: प्रखंड अंतर्गत उलीराजाबासा पंचायत के कुदाबेडा गांव में जलमीनार और चापाकल छ: महीने से खराब पड़े हैं, लेकिन आज तक इनकी मरम्मत नहीं कराई गई है. इससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों में पानी की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. वहीं जनप्रतिनिधि मौन है.

ग्रामीणों के बार- बार गुहार लगाने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का चुप रहना उनकी मंशा को दर्शाती है. उनके कानो तक ग्रामीणों की परेशानी नहीं पहुंच रही है. गांव में पेयजल समस्या का आलम यह है कि ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ता है. ग्रामीण लगभग आधा किलोमीटर सफर करके पानी लाते है और अपनी प्यास बुझाते को मजबूर हैं. पानी की किल्लत के बीच लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी आग में पेट्रोल डालने का काम कर रही है. पंचायत प्रशासन या संबंधित विभाग की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि पीने के पानी का एकमात्र साधन उक्त सोलर जलमीनार एवं चापानल ही है. पानी के लिए इधर- उधर भटकना पड़ता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल मीनार लगाने में घोर अनियमितता की गई है. निर्माण के साथ ही पाइप में लीकेज होना, नल में खराबी और सोलर प्लेट का काम करना बंद कर देना आदि समस्याएं उत्पन्न हो गई है. जल मीनार निर्माण कार्य के दौरान जल मीनार के फाउंडेशन मे भी मानकों की अनदेखी की गई है. निर्माण के दौरान भी ग्रामीणों ने इसपर सवाल उठाए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
ग्रामीणों ने बताया कि मुखिया और पंचायत सचिव से कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई. पंचायत के अन्य गांवों में बने जलमीनारों की भी ऐसी ही स्थिति है. ग्रामीणों ने जल मीनार और नलकूप मरम्मत करवाने की मांग की है. साथ ही डीसी से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई भी करने की मांग की है. इस पर
कांग्रेस के खूंटपानी प्रखंड अध्यक्ष सकरी दोंगो ने जलमीनार और नलकूपो की जल्द ही मराम्मत कराने का आश्वासन दिया. इस दौरान मुख्य रूप से निशा दोंगो, सबिता दोंगो, जेमा दोंगो, फूलमती कूई तारोब दोंगो आदि उपस्थित थे.
