खरसावां: राजकीय पॉलिटेक्निक खरसावां के एक छात्र करण राणा ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अनुमंडल पदाधिकारी को दिए आवेदन में छात्र ने बताया कि 14 फरवरी 2025 को वह निजी कार्य से कॉलेज गया था. उसी दौरान निबंधन शाखा के शिक्षक विद्यासागर गरे ने उसे और उसके सहपाठियों को प्राचार्य के खिलाफ की गई शिकायत को वापस लेने और उनके पक्ष में पत्र लिखने का दबाव डाला.

छात्र का कहना है कि जब उन्होंने पत्र लिखने से मना किया तो शिक्षक ने परीक्षा में फेल कर देने और अन्य कार्रवाई की धमकी दी. बाद में डर के कारण उनसे प्राचार्य के समर्थन में पत्र लिखवा लिया गया जिसमें लिखा गया कि प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं. छात्र ने आवेदन में कहा है कि शिक्षकों और प्राचार्य की तानाशाही के कारण वे लोग भय के माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं. करण राणा ने अनुमंडल पदाधिकारी से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि छात्र भयमुक्त होकर पढ़ाई कर सकें.

