चांडिल/ Afroz Mallik अनुमंडल के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में बने सब्जी बाजार की दुर्दशा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. लाखों- करोड़ों रुपए की लागत से बाजार का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह बाजार शुरू नहीं हो सका. नतीजा यह है कि बाजार आज भी धूल फांक रहा है और स्थानीय लोग एवं दुकानदार खुले में ही अपना व्यवसाय करने को विवश हैं.

दुकानदारों का कहना है कि जब बाजार बनाने का मकसद ही सड़क किनारे भीड़ और अतिक्रमण कम करना था, तो फिर इसे उपयोग में क्यों नहीं लाया जा रहा. मजबूरी में व्यापारी फुटपाथ और मुख्य सड़कों पर दुकानें लगाते हैं जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी तरह से नगर परिषद की लापरवाही का नतीजा है. यदि समय पर दुकानों का आवंटन और उचित प्रबंधन किया जाता तो आज बाजार की यह हालत नहीं होती. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता के पैसे से बने इस बाजार को धूल फांकने के लिए क्यों छोड़ दिया गया है.
इस मुद्दे पर अब तक न तो नगर परिषद की ओर से कोई ठोस पहल की गई है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि जवाबदेही निभा रहे हैं. बाजार को शुरू करने की मांग कई बार उठी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है. क्या नगर परिषद इस बाजार को चालू करने की पहल करेगी या यह आने वाले दिनों में जर्जर होकर पूरी तरह बेकार हो जाएगा. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से इस ओर तुरंत ध्यान देने और बाजार को सक्रिय करने की मांग की है.

