सरायकेला/ Bipin Varshney जिले के कांड्रा पंचायत में सोमवार को स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे चार व्यक्तियों का उपभोक्ताओं ने विरोध कर दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों के पास न तो वर्क ऑर्डर था और न ही पहचान पत्र.

मामले की जानकारी मिलने पर सरायकेला एसडीओ ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है और नियमों का पालन किए बिना कार्य किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाले कर्मियों के पास वर्क ऑर्डर और आईडी कार्ड होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को उनकी पहचान और काम की पुष्टि हो सके. साथ ही, स्थानीय स्टाफ का मौजूद रहना भी जरूरी है जिससे उपभोक्ताओं को संतुष्टि मिल सके.
बिजली विभाग के नियमों के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को सूचित करना और उनकी सहमति लेना आवश्यक है. वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर के कुछ नुकसान भी हैं. नेटवर्क की समस्या होने पर यह सही तरह से काम नहीं करता है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है.

