सरायकेला: जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. जानकारी के अनुसार, लगभग तीन वर्ष पूर्व निर्मल बर्मन ने विनोद वार्ष्णेय से करीब एक कट्ठा जमीन खरीदी थी. इस जमीन की रजिस्ट्री विधिवत रूप से सरायकेला रजिस्ट्री कार्यालय में कराई गई थी.

हालांकि, रजिस्ट्री के बाद जब खरीदार निर्मल बर्मन ने उस भूमि पर दखल करने का प्रयास किया, तो पाया कि वहां पहले से ही अभिनव राय नामक व्यक्ति का कब्जा है. इस दौरान निर्मल बर्मन, विनोद वार्ष्णेय और अभिनव राय के बीच तीखा विवाद हुआ था. मामले की जानकारी उस समय स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी गई थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण जमीन कब्जाधारी के पास ही बनी रही.
तीन साल बाद गुरुवार को यह विवाद तब फिर से उभर आया जब निर्मल बर्मन कथित रूप से विनोद वार्ष्णेय की दूसरी जमीन पर पहुंच गए और वहां कब्जा जमाने की कोशिश की. इस पर विनोद वार्ष्णेय ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई. देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और निर्मल बर्मन के साथ आए लोगों ने विनोद वार्ष्णेय को वहां से खदेड़ दिया.
घटना के बाद विनोद वार्ष्णेय कांड्रा थाना पहुंचे और सुरक्षा की गुहार लगाई. थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला भूमि विवाद से संबंधित है. दोनों पक्षों को थाने बुलाकर कागजात के आधार पर जांच की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को भी जबरन कब्जा जमाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह विवाद पिछले तीन वर्षों से चला आ रहा है और प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अब यह मामला फिर से उग्र रूप ले चुका है. ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. हालांकि इस मामले पर अभिनव राय ने बताया कि जिस जमीन पर विवाद बताकर मामले को तूल दिया जा रहा है दरअसल वह जमीन उनके पिता ने खरीदी थी, जिसे विनोद वार्ष्णेय ने किसी अन्य को ऊंचे दाम पर बेच दिया. उन्होंने ना तो किसी के साथ कोई बदसलूकी की है ना ही कोई विवाद पैदा किया है. मामला कोर्ट में विचाराधीन है. उनपर लगाया गया आरोप मिथ्या और भ्रामक है.

