कांड्रा/ Bipin Varshney कांड्रा और आसपास के क्षेत्रों में बिजली और पानी की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. महीनों से जारी बिजली रानी की आंख- मिचौली का खेल बदस्तूर जारी है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच गहरी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है. मंगलवार दोपहर से ही पूरे इलाके की बत्ती गुल है, जिसके कारण दर्जनों ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह से अंधेरे में डूबे हुए हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो से तीन महीनों से 24 घंटे में बमुश्किल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. हल्की बारिश और हवा के साथ ही बिजली कटौती आम बात हो गई है. इस अनियमित आपूर्ति का सीधा असर पेयजल संकट पर भी पड़ रहा है. शहरी क्षेत्रों में जहां इनवर्टर से लोग किसी तरह राहत पा रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है.
लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि लाइनमैन और जूनियर इंजीनियर फोन तक रिसीव नहीं करते और तकनीकी खराबी की कोई जानकारी साझा नहीं करते हैं. इससे उपभोक्ताओं का सब्र अब टूटने की कगार पर है.
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

