जमशेदपुर: झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर वार्ड स्तर पर ओबीसी आरक्षण लागू किए जाने के बाद प्रत्याशियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा के जिला महामंत्री अनिल मोदी ने जाति प्रमाणपत्र निर्गत करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है.

उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में ओबीसी वर्ग के इच्छुक प्रत्याशियों को अब तक जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हो पाया है. ऐसी स्थिति में कई योग्य उम्मीदवार चुनावी प्रक्रिया से वंचित होने की कगार पर हैं. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
अनिल मोदी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय को मजबूत करना है, न कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण उसी वर्ग को चुनाव से बाहर कर देना. यदि समय रहते जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए तो यह सीधे तौर पर ओबीसी समाज के अधिकारों का हनन होगा.
उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की कि जाति प्रमाणपत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को तत्काल तेज किया जाए. लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं. नामांकन अवधि को ध्यान में रखते हुए आपात व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र जारी किए जाएं, ताकि कोई भी योग्य प्रत्याशी तकनीकी कारणों से चुनाव से वंचित न रह जाए.
उन्होंने कहा कि तकनीकी बहाने बनाकर योग्य प्रत्याशियों को नामांकन से रोकना अस्वीकार्य है. भाजपा हमेशा से लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समान अवसर की पक्षधर रही है और इस मुद्दे पर पार्टी ओबीसी समाज के साथ मजबूती से खड़ी है.

