Exclusive Report झारखंड में कुछ भी संभव है. भ्रष्टाचार के कई कीर्तिमान इस राज्य के नाम जुड़ते जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक और कीर्तिमान इस राज्य से जुड़ गया है. मामला आबकारी विभाग का है. दरअसल राज्य में शराब का नए सिरे से टेंडर होना है. इसको लेकर राज्य के सभी लायसेंसी शराब दुकानों के स्टॉक का मिलान किया जा रहा है. मिलान के इस कड़ी में धनबाद जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.

यहां बलियापुर और प्रधानखंता की शराब दुकानों से सरकारी गिनती के मुताबिक 802 बोतलें कम पाई गई हैं. जब जांच टीम दुकान पर पहुंची तो दुकानदार ने दलील दी कि ये सारी शराब चूहे पी गए हैं. सहायक उत्पाद आयुक्त रामलीला रवानी ने बताया कि जितनी भी शराब की बोतलें कम मिली हैं, उसका हर्जाना दुकानदार को देना होगा. इधर दुकानदार खुद को बेबस और बेकसूर बता रहा है. दुकानों में टूटी और खाली बोतलें इस पूरे मामले की तस्दीक कर रही हैं, लेकिन सवाल ये है कि लाखों की शराब चूहे पी गए या फिर मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा.

