रांची: चाईबासा से जुड़ी झोले में बच्चों को ले जाने की घटना को लेकर सामने आई खबरों पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कड़ा संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि मामला जानकारी में आते ही संबंधित प्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. साथ ही सिविल सर्जन से पूरे प्रकरण पर विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की गई है.

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि चाईबासा और पलामू जैसे जिलों में लगातार नकारात्मक और भ्रामक खबरें फैलाने का प्रयास चिंता का विषय है, जिससे न सिर्फ सरकार की छवि को नुकसान पहुंचता है बल्कि ईमानदारी से काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल भी टूटता है.
इरफान अंसारी ने कहा कि दुर्गम इलाकों में पहले ही डॉक्टरों की कमी है और इस तरह का माहौल स्थिति को और कठिन बना देता है. उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि यदि कहीं खामियां हों तो सीधे विभाग के संज्ञान में लाया जाए, ताकि जांच कर सुधार और कार्रवाई की जा सके. बिना जांच के किसी डॉक्टर या पूरे विभाग को मीडिया ट्रायल के जरिए बदनाम करना उचित नहीं है.
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं कुछ राजनीतिक या वैचारिक ताकतें संगठित रूप से सरकार और स्वास्थ्य विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास तो नहीं कर रही हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और सच सामने आएगा. इरफान अंसारी ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से भी संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
*मंत्री से हमारा सवाल*
आपके विभाग के जिम्मेदार अधिकारी किसकी सुनते हैं ? ज़ब आपके सिस्टम में खामी है तो राजनीति होगी ही. सवाल मिडिया पर उठा रहे हैं तो तथाकथित मिडिया नहीं कम से कम मिडिया का नाम जरूर उजागर कीजिये मंत्री जी. मीडिया ने जो देखा उसे लिखा. यदि आपको अपने सिस्टम पर भरोसा है तो पहले आप अपने सिस्टम से पूछिए फिर मिडिया पर सवाल उठाइये. राजनीति आपकी फितरत हो सकती है हम तो मामलों को आपके संज्ञान में लाते हैं. आपकी मर्जी आप कैसे सत्ता चलाते हैं और राज्य की जनता को क्या देते हैं बदले में जनता आपको क्या देगी यह तो आनेवाला वक्त बताइयेगा. मीडिया को कटघरे में खड़ा करने से पहले अपने सिस्टम को दुरुस्त कर लीजिये.

