धनबाद: एंटी करप्शन ब्यूरो ने डीसी एलआर कार्यालय में पदस्थापित कंप्यूटर ऑपरेटर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता का म्यूटेशन आवेदन पहले रद्द कर दिया गया था. जब उसने फाइल दोबारा आगे बढ़ाने की कोशिश की, तो उससे 15 हजार रुपये की घूस की मांग की गई. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद शिकायत का सत्यापन किया गया और आरोप पुष्ट पाए गए.

कैसे हुई गिरफ्तारी?
एसीबी ने जाल बिछाया और कंप्यूटर ऑपरेटर को घूस की राशि स्वीकार करते ही गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद डीसीएलआर कार्यालय में हड़कंप मच गया. एसीबी की टीम ने कार्यालय में दस्तावेजों की तलाशी शुरू कर दी है. आरोपी से पूछताछ जारी है और संचिकाएं खंगाली जा रही हैं. एसीबी के इस एक्शन ने न केवल भ्रष्टाचारियों में खौफ पैदा किया है, बल्कि सरकारी दफ्तरों में व्याप्त रिश्वतखोरी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

