जामताड़ा: प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए केवल कार्यालय में बैठकर फाइलों की समीक्षा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानना भी जरूरी है. जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार ने शनिवार को विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान इसी कार्यशैली की झलक पेश की. स्कूलों में पहुंचकर उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब किए, ब्लैकबोर्ड पर जोड़-घटाव के सवाल हल करवाए और उनकी शैक्षणिक समझ को परखा. उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया, वहीं शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने का संदेश दिया. इसके अलावा, मध्याह्न भोजन योजना में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.


फाइलों से आगे बढ़कर स्कूलों की जमीनी हकीकत से रूबरू हुए डीसी
शनिवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने राजकीयकृत गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघारी और उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहड़ा का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, शैक्षणिक गतिविधियों और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की स्थिति का जायजा लिया.

निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन करने के साथ यह जानना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिल रहा है या नहीं.
कक्षा में शिक्षक बने डीसी, बच्चों की प्रतिभा को परखा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आलोक कुमार ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया. उन्होंने विभिन्न विषयों से संबंधित सवाल पूछे और ब्लैकबोर्ड पर जोड़-घटाव के सवाल हल करवाकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को परखने का प्रयास किया.
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की सीख दी.
उपायुक्त ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में विषयों की बेहतर समझ विकसित करना भी है. इसके लिए पढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावी एवं रुचिकर बनाने और प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने शिक्षकों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया.
दिघारी में मध्याह्न भोजन बंद मिला, अधिकारियों को दिए निर्देश
बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई. उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघारी में मध्याह्न भोजन योजना संचालित नहीं मिलने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक से जानकारी ली.
इसके बाद जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में निर्धारित मेनू के अनुसार मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जवाबदेही पर जोर
उपायुक्त के निरीक्षण के दौरान सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया. उन्होंने यह संदेश दिया कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता आवश्यक है.
निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी कयूम अंसारी, नारायणपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेश कुमार दास, अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता, अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
रिपोर्ट: मनीष वर्णवाल

