जामताड़ा/ Manish Baranwal प्रखंड के उदलबनी पंचायत भवन में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. जिला परिषद योजना के तहत करीब 10 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने काम रुकवा दिया है.

ग्रामीणों का कहना है कि जहां प्लास्टर किया जाना था, वहां बिना सही प्लास्टर के ही रंग-रोगन कर दिया गया. जिस स्थान पर टाइल्स लगनी थी, वहां केवल रंग कर कार्य पूरा दिखाने की कोशिश की गई. टूटे हुए गेट को बदलने की बजाय पुराने गेट की मरम्मत कर औपचारिकता पूरी कर दी गई.
इतना ही नहीं, अब तक योजना से संबंधित बोर्ड भी स्थल पर नहीं लगाया गया है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर संवेदक द्वारा उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है.

ग्राम प्रधान अशोक पंडित ने बताया कि लगातार शिकायत के बावजूद संवेदक मनमाने तरीके से काम करा रहा था, जिसके विरोध में कार्य बंद कराया गया. पंचायत समिति सदस्य अमृत कुमार ने भी बिना उचित प्लास्टर और वायरिंग के रंग-रोगन कर योजना की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.
मामले की सूचना मिलते ही विभाग के एसडीओ विमल कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं. उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि कार्य में अनियमितता पाई गई तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब गुणवत्ता के कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा. विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद जीर्णोद्धार कार्य रोक दिया गया है और प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.

