जामताड़ा: सीमित संसाधन, छोटे शहर की सुविधाएं और साधारण परिवार की पृष्ठभूमि भी मिहिजाम की बेटी खुशी कुमारी के हौसले को नहीं रोक सकी. कृष्णानगर निवासी और प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल, मिहिजाम की कक्षा नौ की छात्रा खुशी ने खेलो झारखंड के तहत रांची खेलगांव में आयोजित 3000 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल जीता.


प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के कुल 24 धावकों ने हिस्सा लिया. खुशी ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. उसकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे जामताड़ा जिले में खुशी का माहौल है.
खास बात यह है कि खुशी ने यह मुकाम किसी बड़े स्पोर्ट्स एकेडमी, अत्याधुनिक ट्रैक या महंगे प्रशिक्षण के सहारे नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इरादे के दम पर हासिल किया है. उसके पिता टाइल्स मिस्त्री हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि महंगे खेल प्रशिक्षण पर बड़ी रकम खर्च की जा सके. इसके बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पूरा करने में उसका पूरा हौसला बढ़ाया.
RPF Ground बना अभ्यास का मैदान
खुशी लंबे समय से RPF ओल्ड कॉलोनी ग्राउंड में अभ्यास कर रही है. प्रशिक्षक छोटे लाल के मार्गदर्शन में उसने दौड़ की तकनीक, गति और स्टैमिना पर लगातार मेहनत की. सुबह-शाम मैदान में पसीना बहाने का परिणाम अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल के रूप में सामने आया है.
24 धावकों के बीच हासिल किया दूसरा स्थान
रांची खेलगांव में आयोजित 3000 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से पहुंचे 24 एथलीटों ने हिस्सा लिया. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद खुशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. उसकी सफलता ने न केवल परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे जामताड़ा को गौरवान्वित किया है.
सीमित सुविधाओं के बीच बड़ी उपलब्धि
खुशी की सफलता छोटे शहरों और साधारण परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है. बड़े प्रशिक्षण केंद्र और पर्याप्त संसाधनों के अभाव के बावजूद राज्य स्तर पर पहचान बनाकर उसने साबित किया है कि प्रतिभा को अवसर और निरंतर मेहनत का साथ मिले तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है.
पढ़ाई के साथ खेल में आगे बढ़ रही खुशी की सफलता से विद्यालय की अन्य छात्राओं में भी उत्साह बढ़ा है. वहीं, खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, मैदान और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत भी इस उपलब्धि के साथ सामने आई है.
एक टाइल्स मिस्त्री की बेटी ने 3000 मीटर दौड़ में सिर्फ सिल्वर मेडल ही नहीं जीता, बल्कि जामताड़ा की उन बेटियों के लिए उम्मीद की नई राह दिखाई है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को सीमित कर लेती हैं. खुशी अब और बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ अभ्यास में जुटी है.
बताते चलें कि रांची के खेलगांव में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक नितेश सेन, अमरेंद्र कुमार, अनीता मरांडी, ज्ञान उरांव, मीनू हांसदा और अमानुल्लाह अंसारी भी उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

