जामताड़ा/ Manish Baranwal कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा योजना के नाम बदलने और कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ सोमवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया. इस आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला एवं युवाओं की भारी भागीदारी रही, और पूरे क्षेत्र में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारे गूंजते रहे.

मौके पर झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस की ऐतिहासिक देन है, जिसे श्रीमती सोनिया गांधी ने देश के किसानों, मजदूरों और गरीबों को रोज़गार की कानूनी गारंटी देने के लिए प्रारंभ किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर करने और धीरे- धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है. डॉ. अंसारी ने कहा कि मजदूरों, गरीब और किसानों के हक़ के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और यदि नाम बदला गया या योजना कमजोर की गई तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने के लिए तैयार है.

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार कानूनी रूप से सुनिश्चित किया था, लेकिन मौजूदा सरकार के बदलाव से राज्य सरकारों के लिए कार्य उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है, जिसका नुकसान सीधे गरीब और ग्रामीण मजदूरों को होगा.
जामताड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को सफल नहीं होने देगी और जनता के हक़ की यह लड़ाई पूरी ताकत और एकजुटता के साथ लड़ी जाएगी.
इस अवसर पर जामताड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष विजय दुबे, अजित दुबे, मुक्ता मंडल, बाम सरखेल, पूर्णिमा धर, कमरुद्दीन अंसारी, नंदकिशोर सिंह, अरुण दास, मिरुदी सोरेन, विनोद छतरी, प्रकाश मंडल, दानिश रहमान, वर्षा खान, जसबीर गांधी, तनवीर आलम, आरसी, राजकुमार दास, अभय पांडेय, बीरबल अंसारी, महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

