जामताड़ा: अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के लिए जामताड़ा पुलिस ने शहर में बीट पुलिसिंग व्यवस्था लागू कर एक नई पहल की है. झारखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुई इस व्यवस्था का शुभारंभ रविवार को उपायुक्त आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से जामताड़ा थाना परिसर से किया. नई व्यवस्था के तहत पुलिस अब सिर्फ थाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मोहल्ले और बाजार स्तर तक पुलिस की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी.


जामताड़ा थाना क्षेत्र के शहरी इलाके को फिलहाल तीन बीट में बांटा गया है. प्रत्येक बीट में एक सब इंस्पेक्टर को प्रभारी, एक एएसआई को सहायक प्रभारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है. बीट अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में नियमित भ्रमण करेंगे और स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, बैंककर्मियों, व्यवसायियों तथा अन्य प्रतिष्ठानों से सीधे संपर्क में रहेंगे. इससे क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक तत्काल पहुंच सकेगी.

अपराध से पहले सूचना, सूचना पर तत्काल कार्रवाई
बीट पुलिसिंग की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पुलिस अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ अपराध की आशंका को पहले ही पहचानने पर जोर देगी. बैंक, एटीएम, सीएसपी, आभूषण दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, महत्वपूर्ण आवासीय इलाके और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र के लोगों से लगातार संवाद करेंगे। संदिग्ध व्यक्ति, संदिग्ध वाहन अथवा गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. इससे पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होने के साथ अपराधियों पर भी लगातार दबाव बना रहेगा.

तीन बीट में बंटा पूरा शहरी क्षेत्र
बीट नंबर-1 : कायस्थ पाड़ा
बीट प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह और सहायक बीट पदाधिकारी एएसआई धर्मेंद्र रजक होंगे. इसके अंतर्गत टावर चौक, कायस्थ पाड़ा, बाजार रोड, पुराना हटिया, हिरासार, मोहुलडंगाल, मालपाड़ा, रक्षा काली मंदिर, जीतू डंगाल, कंबाइंड बिल्डिंग, न्यू पांडेडिह, पांडेडिह, रेलवे स्टेशन, इंदिरा चौक, साइडिंग मोड़, दुमका रोड, सिमलगेरिया, धांधरा, डीसी आवास, एसपी आवास और समाहरणालय परिसर शामिल हैं.
बीट नंबर-2 : न्यू टाउन क्षेत्र
बीट प्रभारी सब इंस्पेक्टर अभय कुमार और सहायक बीट पदाधिकारी भूषण पंडित होंगे. इस बीट में न्यू टाउन, सिनेमा हॉल, गांधी मैदान, आम बागान, सिद्धू-कान्हू चौक, सुभाष चौक, सर्केलडिह और पाकडीह मोहल्ला शामिल हैं.
बीट नंबर-3 : पाल बागान क्षेत्र
बीट प्रभारी सब इंस्पेक्टर लाल बाबू तथा सहायक बीट प्रभारी एएसआई प्रदीप कुमार सिंह होंगे. इस क्षेत्र में पाल बागान, नूर मोहल्ला, सुभाष चौक का पुल के आगे वाला हिस्सा, पुराना कोर्ट, नया कोर्ट, बुद्धुडिह, सहाना, गायछांद, कोर्ट रोड, पुराना कॉलेज (जामताड़ा महाविद्यालय), प्रेमधाम, मिहिजाम रोड, तिलाबाद और चकरी शामिल हैं.
दुर्गापूजा के बाद मिहिजाम में भी बीट पुलिसिंग
एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में जामताड़ा थाना क्षेत्र के शहरी इलाके में तीन बीट शुरू की गयी हैं. दुर्गापूजा के बाद मिहिजाम शहरी क्षेत्र में बीट नंबर-4 और बीट नंबर-5 का उद्घाटन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीट अधिकारी सीधे पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में कार्य करेंगे, जिससे क्षेत्र में किसी भी महत्वपूर्ण सूचना पर त्वरित निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी.
हर बीट में लगेगा बैनर, सीधे पुलिस तक पहुंचेगी शिकायत
एसपी ने बताया कि प्रत्येक बीट क्षेत्र में पुलिस की ओर से बैनर लगाया जाएगा. इसमें संबंधित बीट अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी, ताकि स्थानीय लोग, दुकानदार, बैंककर्मी, व्यवसायी, स्कूल-कॉलेज और अन्य संस्थानों से जुड़े लोग किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचा सकें. उन्होंने नागरिकों से किरायेदारों और मजदूरों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करने तथा संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने को कहा गया है.

थाने की चौखट से निकलकर जनता के बीच पहुंचेगी पुलिस
बीट पुलिसिंग को जामताड़ा पुलिस की जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे पुलिस को इलाके की वास्तविक स्थिति की लगातार जानकारी मिल सकेगी और आम लोगों को हर छोटी समस्या के लिए थाना पहुंचने की जरूरत कम होगी. पुलिस की नियमित मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर दबाव बढ़ने और चोरी, छिनतई, साइबर अपराध से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों समेत अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
एसपी शंभू कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से ही प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा सकती है. बीट पुलिसिंग इसी पुलिस-जनता साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

