जमशेदपुर: जिले के पटमदा प्रखंड में प्रस्तावित नया स्टेडियम निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया है. वर्तमान में मौजूद स्टेडियम जर्जर अवस्था में है, लेकिन सरकार ने उसकी मरम्मत कराने के बजाय करोड़ों की लागत से नया स्टेडियम बनाने की योजना शुरू कर दी है. इस फैसले से स्थानीय लोग नाराज़ हैं और सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि पुराने स्टेडियम की हालत खंडहर जैसी हो चुकी है और खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. उनका मानना है कि पुराने स्टेडियम का जीर्णोद्धार कर उसे आधुनिक रूप दिया जाना चाहिए था.
पूर्व विधायक प्रत्याशी विनोद स्वांसी ने कहा कि यह फैसला जनता के टैक्स की बर्बादी है और किसानों की ज़मीन पर अनावश्यक दबाव डालेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसों को फिजूलखर्ची में झोंक रही है जबकि खिलाड़ियों को सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है.
ग्रामीण प्रताप महतो ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब एक स्टेडियम पहले से मौजूद है तो नया बनाने की क्या आवश्यकता है. उन्होंने मांग की कि पुराने स्टेडियम को ही विकसित किया जाए और खिलाड़ियों को खेल की सारी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं. ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है तो आंदोलन किया जाएगा.

