जमशेदपुर: विशेष बच्चों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त सेंटर की मांग को लेकर शहर की मातृ इकाई “एस्पायर” ने शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. “एस्पायर”, जो पेरेंट्स असोसिएशन ऑफ़ मेंटली हैंडीकैप्ड ऑफ़ जमशेदपुर से जुड़ा और सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संगठन है, लंबे समय से बौद्धिक दिव्यांग, ऑटिस्टिक और न्यूरोडाइवर्स बच्चों के हित में कार्य कर रहा है. संगठन से 400 से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं.

ज्ञापन में बताया गया कि शहर में उपयुक्त सेंटर की कमी के कारण माताओं और विशेष बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई परिवारों को बेहतर सुविधा के लिए अन्य शहरों पर निर्भर होना पड़ता है. ऐसे में एस्पायर ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि उन्हें बिजली, पेयजल और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित और स्थायी सेंटर उपलब्ध कराया जाए, ताकि पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और सामाजिक समावेश को मजबूत बनाया जा सके.
संगठन की प्रतिनिधि डॉ. निवेदिता कर ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन का सहयोग विशेष बच्चों के लिए “सार्थक और स्वावलंबी जीवन” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उपायुक्त से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में डॉ. निवेदिता कर, अमृत कुलताज, बॉबी मंडल, ममता पाढ़ी, इंद्राणी गुप्ता, मितुन मंडल, प्रीति सिन्हा, के. रूपा, हरलीन कौर और प्रमिला कुमारी सहित कई सदस्य शामिल थे.

