जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे विकास सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. वह अक्सर जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आते हैं और सामाजिक कार्यों में भी भाग लेते रहे हैं. हालांकि विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें नकार दिया था और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था.

इस बीच विकास सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे उन्होंने खुद अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है. वीडियो में उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थापित होमगार्ड जवानों पर आरोप लगाया है कि वे शराब के नशे में फुटपाथी दुकानदारों से अवैध उगाही करते हैं और जबरन दुकान हटाने की धमकी देते हैं. मामले की पड़ताल में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं.
जिन फुटपाथी दुकानदारों को कथित रूप से धमकाने और उगाही करने की बात कही जा रही थी, उनसे जब बातचीत की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी आरोप से साफ इनकार कर दिया. दुकानदारों ने बताया कि उनसे न तो किसी तरह की अवैध वसूली की गई और न ही शराब के नशे में किसी प्रकार की बदसलूकी हुई.
अब इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि अस्पताल परिसर और उसके आसपास अव्यवस्थित रूप से फुटपाथ पर दुकानें लगेंगी, तो मरीजों और उनके परिजनों का आवागमन कैसे सुचारू रूप से हो पाएगा. ऐसे में यदि होमगार्ड जवान व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोक-टोक करते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक पहचान चमकाने और सुर्खियों में बने रहने के उद्देश्य से इस तरह के वीडियो जारी किए जा रहे हैं. विकास सिंह द्वारा लगाया गया आरोप अब उल्टा उन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है.
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो होमगार्ड जवानों और स्थानीय पुलिस द्वारा भी बनाया गया है, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है. इस मामले को लेकर लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है.

