जमशेदपुर: सोनारी के बिंदल मॉल स्थित रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत मंडल और मोहन यादव को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद करने के दौरान बुधवार तड़के मरीन ड्राइव स्थित फागू बाबा मंदिर के समीप पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी. दोनों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारीब ने कार्रवाई की जानकारी दी. पुलिस के इस घटनाक्रम की पुष्टि अन्य प्रकाशित रिपोर्टों में भी हुई है.


26 सितंबर की फायरिंग के बाद से थी तलाश
एसएसपी के मुताबिक 26 सितंबर को सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. घटना में चार लोग घायल हुए थे. वारदात के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की थी. इससे पहले इस मामले में चार कथित साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अजीत मंडल और मोहन यादव की तलाश चल रही थी. पुलिस ने वांछित आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था.
पुलिस के अनुसार अजीत मंडल और मोहन यादव की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हथियार मरीन ड्राइव क्षेत्र में छिपाए जाने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर हथियार बरामद करने पहुंची.
पुलिस का दावा- जवान की पिस्टल छीनकर चलाई गोली
एसएसपी का कहना है कि हथियार बरामदगी के दौरान आरोपियों ने अचानक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें अजीत मंडल और मोहन यादव के पैर में गोली लगी. घटनास्थल से दो पिस्टल बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है. पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार पूरे घटनाक्रम के संबंध में अलग से मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
अजीत के खिलाफ आठ पुराने मामलों का रिकॉर्ड
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार अजीत मंडल के खिलाफ पूर्व में आठ मामले दर्ज रहे हैं. ये मामले सीतारामडेरा, सोनारी, जुगसलाई और सीतारामडेरा थाना क्षेत्रों से संबंधित बताए गए हैं. इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के मामले शामिल रहे हैं. हालांकि यहां महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन आठ मामलों की न्यायिक स्थिति एक जैसी नहीं है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कुछ मामलों में उसे सजा अथवा जुर्माना हुआ, जबकि कई मामलों में अदालत ने उसे बरी भी किया है. इसलिए पुराने दर्ज मामलों को अपने आप दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता.
मोहन यादव के खिलाफ तीन मामलों का उल्लेख
पुलिस के दस्तावेज में मोहन यादव के खिलाफ तीन मामलों का उल्लेख है. इनमें सोनारी थाना कांड संख्या 235/2016, सोनारी थाना कांड संख्या 04/2017 और 26 सितंबर 2026 को दर्ज वर्तमान मामला शामिल है. वर्ष 2016 के चर्चित अमित राय हत्याकांड में मोहन यादव को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसी मामले में अजीत मंडल को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया था.
बरामदगी में पिस्टल, रिवॉल्वर और गोलियां
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बरामद सामान में दो 9 एमएम पिस्टल, एक 7.62 एमएम पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 9 एमएम की तीन गोलियां, 7.62 एमएम की तीन गोलियां, एक टीवीएस मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और एक राउटर का उल्लेख है.
छापेमारी दल का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम ने किया. टीम में डीएसपी CCR, सोनारी थाना प्रभारी राजीव कुमार, बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरंजन कुमार, MGM थाना प्रभारी सचिन कुमार दास समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे. पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत, इनका इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

