जमशेदपुर/ Afroz Mallik खबर झारखंड के जमशेदपुर से है. जहां परसुडीह थाना क्षेत्र की एक 5 साल की आदिवासी युवती के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है. वहीं पुलिस पर असंवेदनशीलता का आरोप भी लगा है. बताया जा रहा है कि मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराने से इनकार कर दिया.

घटना की जानकारी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोहम्मद सिकंदर खान और गणपति करूवा को मिला तब वे थाना पहुंचे. उसके बाद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई. अंततः स्थानीय लोग थाने में ही धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. इसमें मुख्य रूप से भाजपा नेता गोविंदा पति, पोटका विधायक प्रतिनिधि मिथुन चक्रवर्ती आदि शामिल थे.
गणपति करुआ ने बताया कि बच्ची के परिजनों ने उन्हें फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि घटना बीते शुक्रवार दोपहर 2 बजे की है. परिवार वालो ने बताया कि मेरी बेटी की तबीयत नहीं ठीक होने के कारण उसे लेकर डॉक्टर के पास गई. डॉक्टर ने मौसम को देखते हुए तबीयत खराब होने की बात कही और उसे बुखार की दवाई दी गई. ठीक नहीं होने पर जब आज बच्चे की मां ने बच्ची से पूछा तो बच्ची ने होश उड़ा देने वाली बात कही.

बच्ची ने बताया मुझे सुसेन हेंब्रम ने घर के पीछे ले जाकर गलत काम किया, जिसके बाद वे तुरंत परसुडीह थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा. फिर भी पुलिस टालमटोल करती रही. उसके बाद परिजन बच्ची को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे मगर अस्पताल प्रबंधन ने बगैर पुलिस के आदेश के मेडिकल जांच करने और बच्ची को भर्ती करने से इनकार कर दिया जिसके बाद स्थानीय लोग आक्रोर्षित हो उठे और थाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अंततः पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है.
बाईट
गणपति करुआ (जेएलकेएम नेता)
स्थानीय महिला जनप्रतिनिधि

