जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाई गई. इसी अवसर पर पूरे परिसर में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया गया. दिनभर चले कार्यक्रम में राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी.

कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि सभा से हुई. संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर नेताजी के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को नमन किया. उनके साहस, त्याग और आत्मनिर्भरता के आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया.
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एमएम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव से युक्त शिक्षा प्रणाली के निर्माण का संकल्प दोहराया जाता है.
सरस्वती पूजा के लिए परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. पारंपरिक विधि- विधान और भक्तिमय वातावरण में पूजा संपन्न हुई. विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़- चढ़कर भाग लिया और विद्या व सफलता के लिए मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया.
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘प्रतिमा’ का प्रदर्शन भी किया गया. फिल्म के माध्यम से शिक्षा, समाज और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विषयों को रेखांकित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे.

