जमशेदपुर: गुरुवार को पूरे झारखंड और कोल्हान प्रमंडल में वीर शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर युवा समाजसेवी सह आंदोलनकारी अमित महतो ने कदमा के उलीयान स्थित स्व. निर्मल महतो के समाधि स्थल, चमरिया गेस्ट हाउस और पारडीह चौक पहुंचकर शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

मीडिया से बातचीत के दौरान अमित महतो भावुक नजर आए. उन्होंने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम नेता शहीद निर्मल महतो को नमन कर रहे हैं, लेकिन केवल जयंती पर पुष्प अर्पित करना ही क्या उनका सम्मान है.

अमित महतो ने कहा कि झारखंड राज्य बने 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस वीर सपूत की शहादत और संघर्ष के कारण झारखंड अस्तित्व में आया, उन्हें आज तक सरकारी रूप से शहीद का दर्जा नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह और भी गंभीर विषय है कि वर्तमान में उसी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार राज्य में है, जिसके निर्मल महतो कभी दूसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे.
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि शहीद निर्मल महतो को अविलंब आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा दिया जाए. साथ ही उनकी संघर्ष गाथा को झारखंड के स्कूलों और कॉलेजों की पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान से प्रेरणा ले सकें. अमित महतो ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि झारखंड के शहीदों के सम्मान के मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर आवाज बुलंद करें.

मौके पर पारडीह निर्मल स्मारक समिति के सदस्य मंटू महतो ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने मांग की कि टाटा कंपनी शहीद निर्मल महतो के स्मारकों के रंग-रोगन और रखरखाव की जिम्मेदारी ले. उन्होंने कहा कि झारखंडियों ने अपनी जमीन टाटा को दी है, ऐसे में कंपनी का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह यहां के शहीदों के स्मारकों का संरक्षण करे.
जयंती के अवसर पर समिति की ओर से पारडीह स्कूल मैदान में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया. अमित महतो ने शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और युवाओं से रक्तदान को महादान बताते हुए उन्हें ‘रक्त वीर’ बनने के लिए प्रेरित किया.
इस कार्यक्रम में नारायण महतो, मानिक महतो, वीरेन महतो, शरद महतो, किरपा महतो, आकाश महतो, विकास महतो, कमल महतो, खोगेन महतो, लालटु महतो, भक्तरंजन महतो, नरेश महतो, कृष्णा जी सहित बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

