मधुबनी: इंडो- नेपाल सीमा की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. नेपाल में हाल में भड़के आंदोलन और अशांति के बीच नेपाल की जेलों से फरार कैदी भारत में घुस आए. संयुक्त कार्रवाई में मधुबनी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से छह कैदियों को पुलिस और एसएसबी ने पकड़ा.

गिरफ्तार कैदियों में दो नेपाली, दो नाइजीरियन, एक ब्राजील का नागरिक और एक बिहार निवासी शामिल हैं. इन्हें लदनियां, मधवापुर और बासोपट्टी थाना क्षेत्रों से पकड़ा गया. जयनगर डीएसपी राघव दयाल ने बताया कि सभी कैदियों से पूछताछ की जा रही है और खुफिया एजेंसी आईबी सहित पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं. आशंका है कि फरार कैदियों का एक बड़ा नेटवर्क सीमा पार सक्रिय है, जिसकी गहन जांच जारी है.

सूत्रों के अनुसार लदनियां थाना क्षेत्र के छपकी गांव से नेपाल की जेल से भागे दो कैदियों को इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अनूप कुमार की अगुआई में गिरफ्तार किया गया. मधवापुर थाना क्षेत्र में गश्ती के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा, जो पूछताछ में नेपाल की जेल से फरार कैदी निकला. वहीं बासोपट्टी थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई में तीन कैदी गिरफ्तार किए गए, जिनमें एक ब्राजील का नागरिक भी शामिल है. उसकी मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
मधुबनी के रामपुर बृत गांव वार्ड संख्या-12 से कैदी गुलजार को पकड़ा गया, जो पिछले 18 माह से नशीली दवाओं के मामले में जेल में बंद था. वहीं ब्राजील का नागरिक इमोहा इबेह डेढ़ साल से नेपाल की जेल में बंद था और नाइजीरिया के लरीशान बेनिस्तो दोस 2016 से काठमांडू जेल में थे.
48वीं वाहिनी एसएसबी, जयनगर के कमांडेंट ने जवानों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत करेगी और भविष्य में भी पुलिस-एसएसबी का संयुक्त अभियान जारी रहेगा.
बेनीपट्टी डीएसपी अमित कुमार ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ये कैदी भारत में किससे संपर्क साधने की कोशिश कर रहे थे. इन गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और सीमा पर गश्ती बढ़ा दी गई है. बावजूद इसके, फरार कैदियों का आसानी से सीमा पार कर आना सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है.

