सरायकेला: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में आजसू पार्टी के भीतर शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया. पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं ईचागढ़ से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हरेलाल महतो ने केंद्रीय महासचिव पद के साथ आजसू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसी के साथ ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चारों प्रखंड अध्यक्षों समेत कई पदाधिकारियों के भी इस्तीफे की जानकारी सामने आई है.


हरेलाल महतो ने 26 सितंबर को केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को भेजे अपने त्यागपत्र में लिखा है कि वे “वर्तमान परिस्थितियों” में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं केंद्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र दे रहे हैं. उन्होंने आजसू के साथ अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए पार्टी नेतृत्व, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिले सहयोग के लिए आभार जताया है. हाल में 23 सितंबर तक प्रकाशित रिपोर्टों में भी हरेलाल महतो को आजसू का केंद्रीय महासचिव बताया गया था.
चारों प्रखंड अध्यक्षों ने भी छोड़ा पद
इसी घटनाक्रम के बीच चांडिल प्रखंड अध्यक्ष दुर्योधन गोप, कुकड़ू प्रखंड अध्यक्ष अरुण महतो, ईचागढ़ प्रखंड अध्यक्ष गोपेश महतो और नीमडीह प्रखंड अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने भी अपना इस्तीफा केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को भेज दिया है. इनके अलावा जिला महासचिव बुद्धेश्वर महतो और चांडिल प्रखंड सचिव माधव सिंह मुंडा के भी इस्तीफा देने की जानकारी है. दुर्योधन गोप, अरुण महतो, गोपेश महतो और दिगंबर सिंह लंबे समय से ईचागढ़ क्षेत्र में आजसू संगठन से जुड़े रहे हैं; पुराने सार्वजनिक रिकॉर्ड में भी इन नेताओं की पार्टी गतिविधियों में मौजूदगी दर्ज है.
इंडिया न्यूज़ वायरल’ की खबरों पर लगी मुहर
इंडिया न्यूज़ वायरल बिहार झारखंड पिछले कुछ समय से हरेलाल महतो के राजनीतिक भविष्य और ईचागढ़ आजसू के भीतर बदलते समीकरणों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित करता रहा है. भाजपा अथवा किसी अन्य दल में उनके जाने की अटकलें भी राजनीतिक हलकों में चल रही हैं. अब हरेलाल महतो के साथ क्षेत्र के कई प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
हालांकि, हरेलाल महतो ने अपने त्यागपत्र में यह नहीं बताया है कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा या वे किसी दूसरे दल में शामिल होंगे. इसलिए भाजपा अथवा किसी अन्य दल में जाने की चर्चा को फिलहाल अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए. एक साथ इतने पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब आजसू नेतृत्व की प्रतिक्रिया और इस्तीफा देने वाले नेताओं के अगले कदम पर राजनीतिक हलकों की नजर है.

