सरायकेला. झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति ने सोमवार को सरायकेला-खरसावां जिले में संचालित सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की. जिला मुख्यालय स्थित परिसदन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति निरल पूर्ति ने की. बैठक में समिति के सदस्य जगत मांझी एवं अमित कुमार यादव, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे.


बैठक में विभिन्न विभागों एवं कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई. समिति के सभापति निरल पूर्ति ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर जरूरतमंद और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करते हुए योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को समिति ने गंभीरता से लिया. अधिकारियों को शराब दुकानों का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने तथा शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए वन प्रमंडल एवं नगर निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया. समिति ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और उनकी गुणवत्ता में सुधार पर भी विशेष जोर दिया.
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. समिति ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सभी पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ने तथा निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत एवं राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र मरीजों का अधिकाधिक उपचार सुनिश्चित करने को कहा. प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता तथा एंबुलेंस सेवा को नियमित और सुलभ बनाए रखने पर भी जोर दिया गया.
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन से सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरायकेला-चाईबासा-चौका मुख्य मार्ग की मरम्मत सुनिश्चित करने को भी कहा गया. सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने तथा मुख्य बाजारों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध पार्किंग पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया.
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. समिति ने खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी करते हुए अवैध खनन पर अंकुश लगाने को कहा.
पशुपालन विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें योजना से जोड़ने तथा चयनित लाभुकों के बीच पशुओं का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने को भी कहा गया.
आपूर्ति विभाग को धान के समय पर उठाव एवं वितरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया. समिति ने धान अधिप्राप्ति के लिए किसानों का तत्काल पंजीकरण कराने तथा किसानों की पहुंच वाले क्षेत्रों में अधिक से अधिक धान अधिप्राप्ति केंद्र उपलब्ध कराने को कहा. धान खरीद से संबंधित जानकारी का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया.
जन वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान डीलरों द्वारा निर्धारित मात्रा से कम राशन देने अथवा अन्य अनियमितता की शिकायतों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया.
कौशल विकास विभाग को स्थानीय युवाओं की रुचि और क्षेत्र की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. औद्योगिक एवं तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं नियुक्ति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी पहल करने को कहा गया.
औद्योगिक प्रतिष्ठानों की समीक्षा के दौरान समिति ने सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी दर का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी मिल रही है या नहीं, इसकी नियमित निगरानी करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
बैठक में विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं एवं परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. समिति के सभापति ने सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
समिति के सभापति एवं सदस्यों ने सभी विभागों को सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. समिति ने कहा कि योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचेगी, तभी पात्र लाभुक उनका लाभ उठा सकेंगे. अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही, आपसी समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ काम करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया. समिति ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसी भी पात्र व्यक्ति से छूटना नहीं चाहिए.
प्रमोद सिंह. संपादक

