गम्हरिया/ Bipin Varshney प्रखंड परिसर स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम में हुई आगजनी की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है. इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे गोदाम के एजीएम अभिषेक हजारा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. दोनों का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में चल रहा है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.

हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गुरुवार को टीएमएच पहुंची राजू सेनापति की मां और पत्नी हालत जानकर बेहोश हो गईं. वहीं, एजीएम अभिषेक हजारा की पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है. परिवारजन लगातार अस्पताल में मौजूद हैं और ईश्वर से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं.

विलाप करती राजू सेनापति की मां और पत्नी
उधर देर शाम अधिवक्ता ओमप्रकाश और पूर्व पार्षद नीतू शर्मा टीएमएच पहुंचे और इलाजरत दोनों घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और प्रशासन से भी बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की. इधर अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन व परिचितों की आंखें नम थीं.

परिजनों को सांत्वना देते अधिवक्ता ओमप्रकाश एवं पूर्व पार्षद नीतू शर्मा
गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात सरकारी खाद्यान्न गोदाम में आग लगने के बाद अभिषेक हजारा और राजू सेनापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
रहस्यों से घिरी घटना, पुलिस की जांच में कई सवालों के जवाब बाकी
गोदाम में लगी आग की घटना ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है. गुरुवार को घटना स्थल पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सतेंद्र महतो के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया. जांच दल में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, और गम्हरिया अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार समेत कई वरीय पदाधिकारी मौजूद थे. इधर, सब-इंस्पेक्टर सोनू, बिनोद टुडू और आरक्षी नीतिश पांडे की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर हर पहलू की बारीकी से जांच में जुटी रही. वहीं, अग्निशमन विभाग की टीम ने एक और दमकल की गाड़ी बुलाकर उन स्थानों पर आग बुझाई, जहां अब भी धुआं उठ रहा था.

जांच करती पुलिस
घटना के बाद कई ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं, जो इस आगलगी को एक रहस्यमय मोड़ दे रहे हैं. जैसे —
• क्या गोदाम के भीतर किसी तरह का विवाद हुआ था ?
• ऊंची स्टील मेटल शीट आखिर कैसे उखड़ी ?
• क्या किसी असामाजिक तत्व ने दोनों को जलाने की कोशिश की थी ?
इन सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल पाए हैं. हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल को पुलिस ने अब तक सील नहीं किया है, जिससे सबूतों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. जांच में थोड़ी सी ढिलाई इस पूरे मामले को रहस्य में तब्दील कर सकती है. वैसे पुलिस का दावा है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच चल रही है. हालांकि, जब तक जांच पूरी नहीं होती, गम्हरिया गोदाम आगकांड एक गहरी पहेली बना हुआ है.

