दुमका: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और उनके पिता तथा पूर्व सांसद फुरकान अंसारी को दुमका एमपी/एमएलए कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया. मामला साल 2015 का था, जो एक मकान खाली कराने और मारपीट से जुड़ा था.

गुरुवार को कोर्ट में पेशी के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और उनके पिता फुरकान अंसारी को मकान खाली कराने और मारपीट के आरोपों से बरी कर दिया गया. दरअसल, 2015 में आरोप लगाया गया था कि डॉ. इरफान अंसारी, उनके पिता फुरकान अंसारी और मकान मालिक सत्तार करम ने मिलकर किरायेदार मकबूल हुसैन को जबरन घर खाली कराने का दबाव बनाया और मारपीट की. यह वही मकान था जिसे सत्तार करम ने डॉ. अंसारी को बेचा था.
बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया. आज की पेशी में डॉ. इरफान अंसारी और अन्य ने खुद को निर्दोष बताया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. बचाव पक्ष के वकील राजा खान ने कहा कि माननीय न्यायालय ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है. यह मामला पूरी तरह से गलतफहमी और पुराने विवाद पर आधारित था.

