कांड्रा/ Bipin Varshney चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित डीआरयूसीसी की महत्वपूर्ण बैठक में कांड्रा रेलवे जंक्शन की समस्याएं और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव बहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रतिनिधि मनोज महतो ने कहा कि कांड्रा जंक्शन में यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. यहां पार्किंग, शौचालय, पेयजल और प्रतीक्षालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को परेशानी होती है.

मनोज महतो ने बताया कि कोरोना काल से पहले दुर्ग- दानापुर, टाटा- कटिहार, हावड़ा- हटिया जैसी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव कांड्रा में होता था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया. वर्तमान में यहां केवल पैसेंजर ट्रेनें ही रुकती हैं. उन्होंने मांग की कि पूर्ववत ठहराव बहाल किया जाए और टाटा- जम्मू तवी एक्सप्रेस को भी कांड्रा में रोका जाए.
बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि कांड्रा से चांडिल तक पैसेंजर ट्रेनें कम समय में पहुंच जाती हैं, जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों को अधिक समय लगता है, जो मार्जिन टाइम में असमानता दर्शाता है. मानीकुई और चांडिल स्टेशनों की समस्याएं भी बैठक में रखी गईं.
डीआरएम तरुण हुरिया ने आश्वासन दिया कि ठहराव जैसे नीतिगत मामलों के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है और यात्री सुविधाओं को लेकर जल्द सुधार देखने को मिलेगा. स्थानीय लोग लंबे समय से एक्सप्रेस ट्रेन ठहराव की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक रेलवे प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

