चाईबासा: उद्यान महाविद्यालय, खूंटपानी में स्नातक छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा दो दिवसीय आंतरिक छात्र संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी में कृषि उद्यमिता, डिजिटल कृषि, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास और राज्य विशेष कृषि परिदृश्य जैसे विविध विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए.

संगोष्ठी का उद्घाटन महाविद्यालय के सह- अधिष्ठाता डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रस्तुतीकरण और संचार कौशल विकसित करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करते हैं. उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और शिक्षकों को भविष्य में और संगोष्ठियों के आयोजन का निर्देश दिया.

संगोष्ठी के दौरान बादल कुमार बेक ने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, पूजा कुमारी ने डिजिटल कृषि, श्रुति प्रिया ने युवाओं द्वारा संचालित कृषि उद्यमिता की सफलता, अकांक्षा ने कृषि सूचना प्रसार में सोशल मीडिया की भूमिका, साक्षी तिवारी ने कृषि पर्यटन, अंजली कुमारी ने कृषि में महिलाओं की भूमिका, आयुषी सिंह ने किसानों की आत्महत्याओं और संजीत उरांव ने उद्यमिता अवसर के रूप में डिजिटल कृषि पर व्याख्यान प्रस्तुत किया. छात्रा ईशा कुमारी ने स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े साझा करते हुए चीनी और खाद्य तेल के अत्यधिक सेवन के नुकसान बताए.

सभी छात्रों ने अपनी प्रस्तुति डॉ. अविनाश कुमार के मार्गदर्शन में तैयार की जबकि डॉ. रवि रंजन कुमार ने प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया का समन्वय किया. कार्यक्रम के दौरान डॉ. अमित कुमार ने विद्यार्थियों को करियर में बदलते परिदृश्य के अनुसार तैयार रहने की प्रेरणा दी. डॉ. सुरभि सिन्हा और डॉ. कोयल डे ने निर्णायक एवं मार्गदर्शक के रूप में छात्रों को उपयोगी सुझाव प्रदान किए. संगोष्ठी का संचालन सुश्री निशा एवं सुश्री रेचल ने किया जबकि समापन सत्र में महाविद्यालय के छात्र श्री चन्दन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.

