धनबाद: जिले के रामकलानी ओपी अंतर्गत बट्टबाबू बंगला समीप अंबे आउटसोर्सिंग उत्खनन स्थल से कुछ दूरी पर शुक्रवार को भूधसान की बड़ी घटना हुई. अचानक जमीन धंसने से कई घर जमींदोज हो गए और पूरा इलाका अफरा-तफरी के माहौल में घिर गया. बताया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए जिन्हें परिजनों ने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया.

भूधसान इतना भयावह था कि पूरी बस्ती दो हिस्सों में बंट गई. कई घरों का सामान और मवेशी मलबे में दब गए. स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि कुछ लोग घर के साथ जमीन में समा गए होंगे. पूरे इलाके में हाहाकार और मातम का माहौल है जबकि ग्रामीण बचे हुए सामान को समेटने में जुटे हैं.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में बीसीसीएल के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि अंबे आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा मनमानी तरीके से की जा रही ब्लास्टिंग और अवैध खनन ही इस हादसे का मुख्य कारण है.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व भी रामकलानी भट्टू बाबू कुम्हार पट्टी में भूधसान की घटना हुई थी. उस समय ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया था और कंपनी का काम बंद करा दिया गया था. विरोध करने वालों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था. घटना के बाद गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने स्थल का दौरा कर बीसीसीएल प्रबंधन को सभी प्रभावितों के सुरक्षित पुनर्वास का निर्देश दिया था. रामकलानी ओपी में बीसीसीएल, आउटसोर्सिंग प्रबंधन, पुलिस और ग्रामीणों की बैठक भी हुई थी जिसमें जल्द पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था. लेकिन आश्वासन के बावजूद न तो कंपनी और न ही प्रशासन ने गंभीरता दिखाई. नतीजन एक बार फिर भयावह भूधसान से कई परिवार बर्बादी का शिकार हो गए. ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब भी जिला प्रशासन और बीसीसीएल गंभीर नहीं हुई तो भविष्य में डेंजर जोन में रह रही आबादी के लिए और भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

