चांडिल/ Vikash Thakur अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार को छात्र नेता शहीद अजीत धनंजय महतो का 43वां शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया. ज्ञात हो कि वर्ष 1982 में छात्र युवा मोर्चा के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के अंतिम दिन तिरुलडीह प्रखंड कार्यालय कैंप में पुलिस की गोली से तत्कालीन छात्र नेता अजीत धनंजय महतो शहीद हो गए थे.

इस अवसर पर शहीद स्मारक समिति कुकड़ू सिरुम की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. समिति के अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलनकारी एवं प्रत्यक्षदर्शी सुनील कुमार महतो तथा समिति की संरक्षक श्रीमती मधुश्री महतो के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने सिरुम चौक स्थित शहीद बेदी पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. शहीद की धर्मपत्नी बारी महतो और पुत्र उपेंद्र नाथ महतो भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. सिरुम से लेकर तिरुलडीह शहीद स्थल तक मोटरसाइकिल जुलूस निकाला गया. पूरे क्षेत्र में शहीद अमर रहे के नारों से वातावरण गूंज उठा.

झारखंड आंदोलनकारी सुनील कुमार महतो ने कहा कि 1982 में चांडिल, नीमडीह और ईचागढ़ प्रखंडों की जन समस्याओं को लेकर छात्र युवा मोर्चा ने तीन दिवसीय धरना दिया था. आंदोलन के अंतिम दिन तिरुलडीह प्रखंड कार्यालय में पुलिस ने निर्दोष छात्रों पर गोली चला दी, जिसमें अजीत धनंजय महतो की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी.

उन्होंने कहा कि तब से लेकर अब तक हर वर्ष समिति की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है. उन्होंने शहीद के बलिदान को झारखंड के छात्र आंदोलन की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक क्षण बताया.कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंचानन महतो, गंगाधर महतो, कृष्णपद महतो, आशीष कुमार महतो, पुलकेश महतो, अमित कुमार, संजय महतो, सौरभ कुमार महतो और जितेंद्र नाथ महतो सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.

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